सन्धिक्षय चिकित्सा

MANAGEMENT OF OSTEO-ARTHRITIS

 
 
 
विश्व भर में लगभग 50 करोड़ लोग सन्धिक्षय (Osteoarthritis – OA) से पीड़ित हैं, जिनमें से लगभग आधे लोग जानु-सन्धिक्षय (OA of the knee joint) के हैं।

सन्धिक्षय (OA) में मुख्य विकृति सन्धिगत-तरुणास्थि (Joint cartilage) व उसके नीचे स्थित अस्थि का भञ्जन (Breakdown of the underlying bone) होता है।

रूप (Clinical presentation):

सन्धिक्षय (OA) में सबसे अधिक होने वाले दो रूप हैं – 
  • सन्धि-रुजा (Joint pain)
  • सन्धि-जाड्य (Joint stiffness)

प्रारम्भ में रोगी को श्रम करने पर ही कष्ट महसूस होता है, किन्तु बाद में कष्ट लगातार बना रहता है।

इस रोग में होने वाले कुछ अन्य रूप हैं – 
  • सन्धि-शोथ (Joint swelling)
  • सन्धि की गति में अल्पता (Decreased range of joint motion)
  • पृष्ठ की सन्धियों के विकृत होने पर बाजुओं व जांघों में दौर्बल्य (Weakness) व तोद (Numbness) । 

सन्धिक्षय (OA) से आम तौर पर प्रभावित होने वाली सन्धियाँ – 

  • जानु-सन्धियाँ (Knee joints)
  • अंगुलियों के अग्र-भागों में स्थित सन्धियाँ (Joints near the ends of the fingers)
  • अंगुष्ठ-मूल में स्थित सन्धि (Joint at the base of the thumb)
  • ग्रीवागत सन्धियाँ (IV Joints in the neck)
  • कटिगत सन्धियाँ (IV Joints in the back)
  • नितम्ब सन्धियाँ (Hip joints)।

सन्धिक्षय (OA) से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य – 

  • देह की एक अर्धांग (Joints on one half of the body) की सन्धियाँ दूसरे अर्धांग की अपेक्षा अधिक प्रभावित होती हैं
  • प्रायः रूप पूरी तरह से आने में कई वर्ष लग जाते हैं
  • कष्ट प्रायः सन्धियों तक ही सीमित रहते हैं ।

हेतु व सम्प्राप्ति (Etio-pathogenesis):

सन्धिक्षय (OA) प्रायः भारवाहक सन्धियों (Weight-bearing joints) पर अत्यधिक दबाव पड़ने से होता है। 

इससे सन्धियों में स्वल्प शोथ व सन्धिगत तरुणास्थि (Joint cartilage) का क्षय होकर सन्धिक्षय (OA) होता है।

इसके बाद नीचे स्थित अस्थि-धातु का क्षय (Bone loss) होने लगता है। 

फिर जैसे-जैसे रुजा के कारण प्रभावित अंग की गति में अल्पता आती है, वहाँ की स्थानिक मांस-पेशियों का क्षय (Muscle loss) होने लगता है।   
  
प्रायः स्थूल व्यक्तियों को सन्धिक्षय (OA) होने का भय अधिक रहता है।

 चिकित्सा (Management:

I. शोथहर औषधियाँ (Anti-inflammatory drugs):
  • शल्लकी, एरण्डमूल, जातीफल (Loswel tablet) – यह औषध-योग सन्धि-शोथ कम करने के साथ-साथ मांसगत जाड्यता कम करता है (Muscle relaxant), व सन्धि-रुजा कम (Analgesic) करता है ।

LOSWEL Tablet
  • Anti-inflammatory
  • Analgesic
  • Muscle relaxant 

  • गुग्गलु, रास्ना, दशमूल, मधुयष्टी, हरिद्रा इत्यादि।

II. रुजाहर औषधियाँ (Analgesic drugs):
  • जातीफल, गोदन्ती, वत्सनाभ (Dolid tablet) – सन्धि-रुजा कम करने वाला (Analgesic) यह एक विश्वसनीय औषध-योग है। इसका प्रभाव कुछ मिनटों में ही शुरु हो जाता है व एक घण्टे के भीतर काफी रुजा कम हो जाती है। 

DOLID Tablet
  • Analgesic

  • गुग्गुलु, पारसीक यवानी, पिप्प्लीमूल इत्यादि।

III. तरुणास्थि-वर्धक रसायन (Drugs that promote cartilage synthesis):
  • अश्वगन्धा, शिलाजतु, मण्डूकपर्णी, दुग्धिका, यशद (Cartogen tablet) – समय की कसौटी पर खरा उतरने वाले रसायनों से युक्त यह एक विश्वसनीय औषध-योग है। इससे न केवल सन्धिगत धातुओं का भञ्जन (Breakdown) रुकता है, अपितु भञ्जित सन्धिगत धातुओं का नवनिर्माण (Regeneration of the worn out tissues) भी होता है, जो कई बार एॅक्स-रेज़ में भी दिखाई देता है।

CARTOGEN Tablet
  • Rejuvenator
  • Antioxidant 

  • आमलकी, विदारिकंद, गोक्षुर, शतावरी, गुडूची, स्वर्ण इत्यादि।

IV. अस्थिवर्धक औषधियाँ (Drugs that promote bone formation):
  • अर्जुन, मण्डूकपर्णी, दुग्धिका (Nubon tablet) – अस्थि-धातुगत कोशिकाओं की संख्या वृद्धि व विकास प्रक्रिया (Osteoblastic activity) को बढ़ा कर अस्थि-धातु का निर्माण कराने वाला यह अति-प्रभावशाली औषध-योग है।

NUBON Tablet
  • Promotes osteoblastic activity

  • मुक्ताशुक्ति, आमलकी, अभ्रक, यशद (Ossie tablet) – अस्थि-धातु के निर्माण के लिए आवश्यक कैल्शियम व अन्य खनिजों की आपूर्ति (Calcium supply) करने वाला यह एक अति-प्रभावशाली औषध-योग है।

OSSIE Tablet

  • Supplies natural calcium
  • Antioxidant

V. स्थानिक अभ्यंग (Local massage):
  • गंधपूर, देवदारु, सरलस्राव, तैलपर्ण, कर्पूर, पौदीनक, यवनिका, शुण्ठी, निर्गुण्डी, शल्लकी, एरण्डमूल से सिद्ध तैल (Loswel oil) से प्रभावित सन्धि पर मृदु अभ्यंग कराएँ। 

LOSWEL Oil
  • Gives instant relief from pain in the affected joints

VI. सामान्य चिकित्सा (General treatment):
  • व्यायाम (Exercise)
  • सन्धि पर पड़ने वाला दबाव कम करने का प्रयास करें (Try to decrease joint stress)
  • स्थौल्यहर औषधियाँ (Anti-obesity drugs) –  गुग्गलु, ब्राह्मी, गण्डीर, पिप्पली, रक्त-मरिच (Thyrin tablet) ।

THYRIN Tablet

  • Stimulates thyroid functions
  • Stimulates metabolic activities
  • Stimulates fat breskdown
 
 
 
डाॅ.वसिष्ठ
Dr. Sunil Vasishth
M. + 91-9419205439
Email : drvasishthsunil@gmail.com 

Website : www.drvasishths.com

 

 

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