श्वास / श्वासकष्ट चिकित्सा – 2

MANAGEMENT OF DYSPNEA – 2

 

चिकित्सा (Management):

श्वासकष्ट के अनेकों हेतुओं के आधार पर इसकी चिकित्सा करनी चाहिए:
I. प्राकृत श्वासकष्ट  (Physiological dyspnea):
इसकी चिकित्सा की आवश्यकता नहीं।
II. ज्वरजन्य श्वासकष्ट (Dyspnea due to Infections):
(i) ज्वरहर / संक्रमणहर औषधियाँ (Anti-infective drugs) –
चिरायता, अतिविषा, गन्धक, यशद (Infex), गुग्गलु-योग, गुडूची,  मञ्जिष्ठा, सारिवा, निम्ब, दशमूल, शिलाजतु, पारद, ताम्र, मल्ल, स्वर्ण, स्फटिक, टंकण इत्यादि।
(ii) संतापहर औषधियाँ (Antipyretic drugs) –
वत्सनाभ, गोदन्ती (Dolid), गोजिह्वा, सहदेवी, अंकोल इत्यादि।
(iii) रसायन औषधियाँ (Antioxidant drugs) –
शिलाजतु, आमलकी, मुक्ताशुक्ति, स्वर्णमाक्षिक, अभ्रक, यशद (Minovit), स्वर्ण, अश्वगंधा, शतावरी, भल्लातक इत्यादि। 
III. रक्ताल्पता / पाण्डुरोग (Anemia):
(i) लौह यौगिक (Iron compounds) –
मण्डूर, लौह, स्वर्णमाक्षिक इत्यादि।
(ii) रसायन औषधियाँ (Antioxidant drugs) –
शिलाजतु, आमलकी, मुक्ताशुक्ति, स्वर्णमाक्षिक, अभ्रक, यशद (Minovit), स्वर्ण, अश्वगंधा, शतावरी, हरीतकी इत्यादि। 
IV. प्राणवह-स्रोतोगत व्याधियाँ (Respiratory diseases)
(A) प्राणवह-स्रोतोरोध (Airway obstruction) –
(i) निदान-परिवर्जनम् (Avoidance of the causative factors) –
धुआँ, धूलि, वायु-प्रदूषण से सुरक्षा करें।
(ii) श्वासनलिका-विस्फारक औषधियाँ (Bronchodilator drugs) –
अन्तमूल, दुग्धिका, अर्क, गण्डीर (Asthex), धत्तूरा, सोमलता इत्यादि।
(iii) कासहर / कफनिस्सारक  औषधियाँ (Anti-tussive / Expectorant drugs) –
कर्कटशृंगी, कण्टकारी, वासा, तुलसी, श्लेष्मातक, स्फटिक, वंशलोचन, पुदीना, कर्पूर, हरिद्रा इत्यादि।
(B) तमक-श्वास रोग (Bronchial asthma) –
(i) श्वासनलिका-विस्फारक औषधियाँ (Bronchodilator drugs) –
अन्तमूल, दुग्धिका, अर्क, गण्डीर (Asthex), धत्तूरा, सोमलता इत्यादि।
(ii) कासहर / कफनिस्सारक  औषधियाँ (Anti-tussive / Expectorant drugs) –
कर्कटशृंगी, कण्टकारी, वासा, तुलसी, श्लेष्मातक, स्फटिक, वंशलोचन, पुदीना, कर्पूर, हरिद्रा इत्यादि।
(iii) असात्म्यहर औषधियाँ (Anti-allergic drugs) –
शटी, मधुयष्टी, ज़हरमोहरा, यशद (Lergex), दुग्धिका, कण्टकारी, हरिद्रा, शिरीष, यवानी इत्यादि।
(iv) आमदोषहर औषधियाँ (Immunomodulator drugs) –
अश्वगंधा, गुडूची, भल्लातक, कटुकी, तुलसी, हरीतकी, यशद इत्यादि।
(v) रसायन औषधियाँ (Antioxidant drugs) –
शिलाजतु, आमलकी, मुक्ताशुक्ति, स्वर्णमाक्षिक, अभ्रक, यशद (Minovit), स्वर्ण, अश्वगंधा, शतावरी, हरीतकी इत्यादि।
(vi) निदान-परिवर्जनम् (Avoidance of the causative factors) –
धुआँ, धूलि, वायु-प्रदूषण से सुरक्षा करें।
(C) जीर्ण उरःक्षत (Chronic obstructive pulmonary diseases, COPD) –
प्राणवह-स्रोतोरोध (Airway obstruction) के समान चिकित्सा करें।
(D) श्वसनक-सन्निपात-ज्वर (Pulmonary infections) –
(i) ज्वरहर / संक्रमणहर औषधियाँ (Anti-infective drugs) –
चिरायता, अतिविषा, गन्धक, यशद (Infex), गुग्गलु-योग, गुडूची,  मञ्जिष्ठा, सारिवा, निम्ब, दशमूल, शिलाजतु, पारद, ताम्र, मल्ल, स्वर्ण, स्फटिक, टंकण इत्यादि।
(ii) कासहर / कफनिस्सारक  औषधियाँ (Anti-tussive / Expectorant drugs) –
कर्कटशृंगी, कण्टकारी, वासा, तुलसी, श्लेष्मातक, स्फटिक, वंशलोचन, पुदीना, कर्पूर, हरिद्रा इत्यादि।
(iii) संतापहर औषधियाँ (Antipyretic drugs) –
वत्सनाभ, गोदन्ती (Dolid), गोजिह्वा, सहदेवी, अंकोल इत्यादि।
(iv) रसायन औषधियाँ (Antioxidant drugs) –
शिलाजतु, आमलकी, मुक्ताशुक्ति, स्वर्णमाक्षिक, अभ्रक, यशद (Minovit), स्वर्ण, अश्वगंधा, शतावरी, हरीतकी इत्यादि।

क्रमशः (Continued)

डाॅ.वसिष्ठ
Dr. Sunil Vasishth
M. + 91-9419205439
Email : drvasishthsunil@gmail.com

Website : www.drvasishths.com

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